सम्पादकीय समाचार
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संपादकीय विशेष ...नूतन वर्षाभिनंदन- 2025 “ आगत के स्वागत में उभरती नव दृष्टि : मंगलकारी समृद्धि द्वारा उच्च दर्शन से रूपांतरित देवात्मा ” – डॉ. अजय शुक्ल ( व्यवहार वैज्ञानिक ) “ जीवन में आत्मिक गुणों एवं शक्तियों के माध्यम से समृद्धशाली हो जाने की स्थितियां ही म...
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अभिव्यक्त संवेदना की यथार्थवादी पृष्टभूमि का व्यापक परिदृश्य – डॉ. अजय शुक्ल ( व्यवहार वैज्ञानिक )“ जीवन एक सतत् चलने वाली अनुभूतिपरक प्रक्रिया है जो विभिन्न घटनाक्रमों में नवीनतम सीख को स्वीकार करने के लिए प्रेरित करती है और शिक्षा को स्वरुप में लाने के लिए कहीं - कहीं हमें बाध्यता के बंधन में स्वाभाव...
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उत्तिष्ठ भारत: मां भारती पुकारती सात्विक चेतना के दायित्वबोध द्वारा जिम्मेदारी और जवाबदेही का क्रियान्वयन – डॉ. अजय शुक्ल ( व्यवहार वैज्ञानिक ) " संपूर्ण विश्व के नवनिर्माण में - ' विश्व गुरु की महानतम ' भूमिका का निर्वहन - ' भारत भाग्य विधाता... ' की मì...
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भारतीय ज्ञान परंपरा में आध्यात्मिक, अनुसंधान अध्ययन के विहंगम परिदृश्य, द्वारा आत्मिक परिवेश की पवित्र अनुभूति संपादकीय विशेष – मुंशी प्रेमचंद जयंती – 31 जुलाई , 2023 – डॉ. अजय शुक्ल , व्यवहार वैज्ञानिक "आध्यात्मिक अनुसंधान में सत्य दर्शन का रहस्योद्घाटन प्रामाणिक स्वरूप से होने के कारण , साधना के पथ पर गतिशील साधक के लिए – आत्मानंद के सानिध्य में पë...
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निसर्ग के सानिध्य में प्रकृति के नियमों पर आधारित गतिशील जीवन शैली का विशुद्ध व्यावहारिक स्वरूप - डॉ.अजय शुक्ला ( व्यवहार वैज्ञानिक ) चेतना से चिंतन की ओर मुखरित प्राणी जगत ने जहां सर्वप्रथम चेतना की सुप्तावस्था अर्थात पाषाण के प्रति अपनी श्रद्धा , आस्था एवं मान्यता पूज्य स्वरूप में व्यक्त की , वहीं पेड़ – पौधों अर्थात वृक्ष के पवित्र...
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साहित्य के दर्पण में मुखड़ा देखने की कवायद : परिष्कृत मनोदशा के स्वरूप का यथार्थवादी चिंतनशील परिदृश्य सम्पादकीय विशेष विश्व पुस्तक दिवस : 23 अप्रैल , 2023 ” – डॉ.अजय शुक्ला ( व्यवहार वैज्ञानिक ) “ समाज में ऐसे कौन से सतोप्रधान स्वरूप में पवित्र कारक हैं जो जीवन के उत्कर्ष एवं उन्नयन के लिए निरंतर रूप से प्रेरणा प्रदान करते रहते हैं और मानव जाति उ...